होम्‍योपंचर चिकित्‍सा डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल (बी0 एच0 एम0 एस0,एम0डी)

 

                       होम्‍योपंचर चिकित्‍सा

  आज कल होम्‍योपंचर चि‍कित्‍सा की चर्चा बहुत चल रही है । डॉ0 कृष्‍ण भूषण सिंह की पुस्‍तक ब्‍यूटी क्‍लीनिक जो एक्‍युपंचर एंव होम्‍योपंचर चिकित्‍सा की साक्षा चिकित्‍सा पर आधारित पुस्‍तक थी, इस पुस्‍तक के प्रकाशन के बाद कई चिकित्‍सकों एंव पाठकों के पत्र आये उन्‍होने इसके बारे में जानना चाहा, कि एक्‍युपंचर एंव होम्‍पैथिक की साक्षा चि‍कित्‍सा क्‍या है,  और इसे किस प्रकार से सीखा या किया जा सकता है ?  अत: हम इस चिकित्‍सा के बारे में आप को विस्‍तार से बतलाने का प्रयास करते है ।

एक्‍युपंचर चीन की चिकित्‍सा पद्धति है इसमें भी होम्‍योपैथिक की तरह यह माना जाता है, कि रोग जीवन ऊर्जा की असमानता से उत्‍पन्‍न होता है, जीवन ऊर्जा चाईनीज भाषा में ची कहॉ जाता है यह अपने दो विरोधी ऊर्जा के माध्‍यम से सम्‍पूर्ण शरीर में प्रवाहित होती रहती है इसे येन अर्थात ऋणात्‍मक ऊर्जा तथा यॉग अर्थात धनात्‍मक ऊर्जा कहते है । जब इसके संतुलन में असमानता उत्‍पन्‍न हो जाती है तब रोग उत्‍पन्‍न होता है । एक्‍युपंचर चिकित्‍सक इसे संतुलित कर रोग का उपचार करते है । यह जीवन ऊजा जिसे एक्‍युपंचर में ची कहते है यह 14 धाराओं या रेखीय मार्गो से होकर निर्बाध रूप से प्रवाहित होती रहता है । इन धाराओं को मेरीडियन या चैनल कहॉ जाता है चाईनीज भाषा में इन चैनल को जॉग फूं कहा जाता है इन चैनलों पर एक्‍युपंचर के पाईन्‍ट पाये जाते है, इन्‍ही पांईटों पर बारीक सूई चुभा कर उपचार किया जाता है एक्‍युपंचर पाईन्‍ट सम्‍पूर्ण शरीर में पाये जाते है ।

होम्‍योपैथिक की शक्तिकृत निर्वाचित औषधियों को इन्‍ही पांईट पर पंचर कर लगाई जाती है इसे होम्‍योपंचर चिकित्‍सा कहते है । एक्‍युपंचर पाईन्‍ट सम्‍पूर्ण शरीर में पाये जाते है, प्रारम्‍भ में होम्‍योपंचर चिकित्‍साक सम्‍पूर्ण शरीर में एक्‍युपंचर पाईन्‍ट का निर्वाचन कर एक्‍युपंचर पाईट पर होम्‍योपैथिक की शक्तिकृत दवाओं को पंचरिग कर उपचार करते थे । एक्‍युपंचर के नये अविष्‍कार ने नेवल होम्‍योपंचर की खोज की इस नेवल एक्‍युपंचर में मात्र पेट पर पाये जाने वाले एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पर जो एक तो संख्‍या में कम होते है एंव इन पाईन्‍ट को खोजना भी आसान होता है । इन्‍ही पेट पर पाये जाने वाले एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पर सभी रोगों के पाईन्‍ट पाये जाते है, दूसरा लाभ यह है कि एक्‍युपंचर में सम्‍पूर्ण शरीर में एक्‍युपंचर पाईन्‍ट पाये जाते है, कई ऐसी भी नाजुक जगह होती है जहॉ सूईयॉ लगाना संभव नही होता, परन्‍तु नेवल एक्‍युपंचर में एक तो सुरक्षित जगह एंव पंचर पाईन्‍ट होते है । हमारे हिन्‍दुस्‍थान में कुछ होम्‍योपैथिक चिकित्‍सको द्वारा नेवल होम्‍योपंचर चिकित्‍सा कर आशानुरूप परिणाम प्राप्‍त किये जा रहे है । नेवल होम्‍योपंचर आसानी से सीखी जा सकती है इसकी कई जानकारीयॉ गुगल साईड पर उपलब्‍ध है । इस चिकित्‍सा के बडे ही सुखद परिणाम सामने आ रहे है । कई आसाघ्‍य बीमारीयों में होम्‍योपैथिक की कई उच्‍च से उच्‍चतम शक्ति की दवाओं को एक साथ देने का विधान होम्‍योपैथिक चिकित्‍सा में नही है परन्‍तु होम्‍योपंचर चिकित्‍सा में एक साथ कई दवाओं को दिया जा सकता है ,इसका प्रमुख कारण है एक्‍युपंचर में प्रयोग किये जाने वाले चैनल चूंकि यह चैनल जिस अंतरिक अंग के होते है वह उन्‍ही औषधियों को आत्‍मसात करती है एंव अन्‍य औषधियों को तत्‍काल निष्‍कृय कर देती है यह इन चैनलों की विशेषता है । नेवल एक्‍युपंचर का एक और लाभ यह है कि इसमें कम से कम सूईयों का एंव बारीक सूईयों का प्रयोग किया जाता है । आज के बदलते परिवेश में कई प्रकार की ऐसी बीमारीयॉ हो रही है जो अधिकाशत: पेट से प्रारम्‍भ होती है । रस रसायनों की असमानता से कई प्रकार के रोग हो रहे है जो नेवल एक्‍युपंचर व होम्‍योपंचर चिकित्‍सा के माध्‍यम से आसानी से दूर किये जाता है उनमें प्रमुख रूप से अपच तथा पेट के रोग भोजन का समय पर न पचना पेट में गुड गुडाहट की आवाज , शूल का र्दद , खटटी डकारे आना , रात्री में नींद का पूरा न होना, मुह का स्‍वाद खराब होना, भूंख न लगना , अच्‍छा खाने पीने के बाद भी शारीरिक विकास का न होना , स्‍त्रीयों में उनके स्‍त्री सुलभ अंगों का विकाश न होना , लम्‍बाई का न बढना , मस्‍से ,मुहासे,ब्‍लैक हैड , पेट में स्‍ट्रेचमार्क ,अनावश्‍यक मोटापा ,बालो का झडना समय से पहले गिरना , त्‍वचा का रंग बदलना व त्‍वचा की स्निंग्‍धता का समाप्‍त हो जाना ,दॉतो का समय से पहले गिरना या घिसते जाना , शरीर में सुस्‍ती का बने रहना , चहरे का मलीन व गंदा दिखना , चहरा मुरझाया हुआ , मानसिक तनाव ,मिरगी , व हिस्‍टीरिया , अनावश्‍यक मोटा होते जाना या इसके विपरीत शरीर सूखते जाना आदि लक्षणों पर नेवल एक्‍युपंचर व होम्‍योपंचर उपचार से आशानुरूप परिणाम मिलते है इसी वजह से ब्‍युटी क्‍लीनिक उपचार में इसका प्रयोग काफी बढ चढ कर किया जा रहा है । कई होम्‍योपैथिक चिकित्‍सकों द्वारा इसका प्रयोग सफलतापूर्वक किया जा रहा है । भारत भारती संस्‍थान द्वारा नि:शुल्‍क होम्‍योपंचर एंव नेवल एक्‍युपंचर चिकित्‍सा प्रत्‍येक रविवार को सन्‍ध्‍या 7-00 बजे से 9-00 बजे रात्री तक उपलब्‍ध है ।     

  

नि:शुल्‍क परामर्श हेतु आप सुबह 10 बजे से 4 बजे तक फोन कर सकते है

 

       डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल (बी0 एच0 एम0 एस0,एम0डी)

                           जन जागरण चैरीटेबिल चिकित्‍सालय

 हीरो शो रूम के बाजू से नर्मदा बाई स्‍कूल के

 पास बण्‍डा रोड मकरोनिया सागर म0प्र0

                  मो0 9926436304 - 9300071924-9630309033      

                  मेल&jjsociety1@gmail.com

                 साईड-https://jjehsociety.blogspot.com   

 

                                        

Comments

Popular posts from this blog

बबासीर डॉ0 सत्‍यम सिंह चन्‍देल (बी0 एच0 एम0 एस0,एम0डी)

पैथालाजी रोग एंव होम्‍योपैथिक (विकृति विज्ञान)डॉ0 सत्यम सिंह चन्देल (बी0 एच0 एम0 एस0,एम0डी)